
सुन्दर गुराँस हु म भुँइफुल हुने मन छैन
तिम्रो कमजोरी तिम्रो भुल हुने मन छैन
म तिम्रा हरेक घाउहरुको मलम बन्न सकु
भित्रभित्रै घोचिराख्ने शुल हुने मन छैन
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बगिरहन्छन आँशु भलहरु के गर्छौ अब
साँटेका थियौं चिनो सलहरु के गर्छौ अब
भए भरका मेरा उपहार सबै फर्काइदियौ
सँगै बिताएका ती पलहरु के गर्छौ अब
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बाली बिगार्ने झार हुने मन छैन
कामै नलाग्ने उपहार हुने मन छैन
बाँचुञ्जेल सधैं तिम्रो छाया बन्न पाँउ
एकै नदिका दुई किनार हुने मन छैन
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